बदायूं, उत्तर प्रदेश: इस्लामनगर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। जाति पूछकर दो बाइक सवार युवकों ने 13 वर्षीय मासूम को जबरन मक्के के खेत में ले जाकर उसकी इज्जत लूट ली।
पीड़िता के अनुसार, जब वह अपने घर के पास खड़ी थी, तो आरोपियों ने उसकी जाति पूछी और फिर उसे जबरन खेत में ले गए। वहां उसके साथ घिनौनी हरकत की गई। जब कोई व्यक्ति मदद के लिए आया, तो बदहवास और सहमी हुई मासूम चीख पड़ी— “भैया, इसने मेरी इज्जत लूट ली, मारपीट कर कपड़े उतारे।”
हालांकि, इस संवेदनशील मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने और छेड़छाड़ की मामूली धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को बचाने का प्रयास करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध को हल्की धाराओं में सीमित करने का प्रयास कर रही है।
तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार खौफ के साए में जी रहा है। पीड़िता और उसके परिजन लगातार धमकियां मिलने की बात कह रहे हैं।
इस मामले में सवाल उठने लगे हैं कि क्या छेड़छाड़ की धाराओं में सीमित होकर रह जाएगा इंसाफ? सीओ बिल्सी का कहना है कि संवेदनशील मामलों में पुलिस ऐसा नहीं करती, लेकिन अभी पीड़िता के कोर्ट में बयान होने बाकी हैं। स्थानीय लोगों में आक्रोश है और न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।