नई दिल्ली, 29 जून 2026: दिल्ली सरकार ने सोमवार को एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत 30 लाख रुपये या उससे कम की एक्स-शोरूम कीमत वाले सभी इलेक्ट्रिक कारों को राष्ट्रीय राजधानी में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
नई नीति के अनुसार, ई-टू-व्हीलर (इलेक्ट्रिक दोपहिया) खरीदारों को पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
इस नीति का एक अहम हिस्सा यह है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा का पंजीकरण होगा। वहीं, पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा, और 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (@gupta_rekha) ने कहा कि नई नीति के तहत अगले चार वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय राजधानी में वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
दिल्ली कैबिनेट द्वारा स्वीकृत यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। मुख्यमंत्री ने इसे 31 मार्च 2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
नई EV Policy 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।
नीति की प्रमुख विशेषताएं: ₹30 लाख तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक कारों पर 100% रोड टैक्स एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट। EV खरीद पर प्रोत्साहन राशि:
• दोपहिया – ₹30,000 तक • तिपहिया – ₹50,000 तक
• N1 ट्रक – ₹1 लाख तक पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर ₹5,000 से ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन।
दिल्ली में 30,000 से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे।
1 जनवरी 2027 से नए इलेक्ट्रिक ऑटो एवं N1 गुड्स कैरियर का ही पंजीकरण किया जाएगा।
1 अप्रैल 2028 से नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा।
सभी प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।