राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: केजरीवाल के सवालों से गरमाई राजनीति, SIT जांच जारी

नई दिल्ली/अयोध्या — राम मंदिर निर्माण के लिए आए करोड़ों रुपये के चंदे में कथित गबन का मामला इन दिनों देश की राजनीति में जबरदस्त हलचल पैदा कर रहा है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया है, जबकि दूसरी ओर भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला वापस किया है।

केजरीवाल का आरोप: चंपत राय को क्यों नहीं हटाया गया?
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “राम मंदिर से करोड़ों का चंदा चोरी हो गया है। राम भक्तों में काफी गुस्सा है और उनके मन में कई सवाल हैं।”

उन्होंने सीधा सवाल उठाते हुए पूछा — पूरे राम मंदिर का नियंत्रण चंपत राय के हाथों में है, और सबसे ज्यादा आरोप उन्हीं पर लग रहे हैं, तो उन्हें अब तक क्यों नहीं हटाया गया? केजरीवाल ने आशंका जताई कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

कैसे खुला मामला?
राम मंदिर चंदा चोरी का यह मामला पिछले कुछ हफ्तों में सामने आया। सबसे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले को उठाया, जिसके बाद यह विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है। मंदिर ट्रस्ट के ऑडिट और सीसीटीवी जांच में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद दो कर्मचारियों पर शक हुआ और उनके पास से लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चंदे की रकम का कुछ हिस्सा गोबर में छिपाकर रखा गया था, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

SIT जांच में जुटी, मंदिर प्रशासन पर सवाल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT की टीम मंदिर में मौजूद 14 दानपात्रों और काउंटिंग हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कई गणनाकर्मियों, ट्रस्ट सदस्यों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, जांच में मंदिर में गुप्त दान के आभूषण गायब होने की भी बात सामने आई है। सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी के हिसाब-किताब में बड़ी अनियमितताएं पाई गई हैं।

सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया पर जनता की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है। केजरीवाल के पोस्ट पर आए टिप्पणियों में एक वर्ग ने उनका समर्थन करते हुए मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

एक यूज़र ने लिखा, “यह सीधा-सीधा करोड़ों हिंदुओं के विश्वास का कत्ल है। सुप्रीम कोर्ट को इस सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए।”

वहीं, दूसरे वर्ग ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए लिखा, “सबसे बड़ा चंदा चोर तो केजरीवाल खुद हैं, जिन्होंने अन्ना आंदोलन का करोड़ों रुपया हड़प लिया और शीश महल बनवाया।”

कई यूज़र्स ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने खुद राम मंदिर निर्माण में एक रुपया भी नहीं दिया।

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